कारगर साबित हुई अखिलेश की रणनीति, एमएलसी चुनाव से बढ़ी सपा की ताकत, दो सीटों पर जीत, तीन पर आगे

विधान परिषद चुनाव में सपा ने अपनी ताकत बढ़ा ली है। वाराणसी शिक्षक क्षेत्र से सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव और आगरा शिक्षक क्षेत्र से सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत हासिल की। जबकि, इलाहबाद-झांसी स्नातक सीट से उसके प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव, वाराणसी स्नातक सीट से आशुतोष सिन्हा और लखनऊ स्नातक सीट से उसकी प्रत्याशी कांति सिंह उल्लेखनीय रूप से आगे चल रही हैं।
सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव की रणनीति इस चुनाव में कारगर साबित हुई। वर्ष 2020 में हुए विधान परिषद चुनाव में सपा को इन 11 सीटों में तीन सीटें मिली थीं। इस चुनाव में सपा न सिर्फ अपनी पुरानी तीनों सीटें बचाने में सफल होती दिख रही है, बल्कि दो और सीटें भी उसकी झोली में आना लगभग तय माना जा रहा है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूरे समय मतगणना पर निगरानी रखी। आगरा में सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल के साथ हुई मारपीट का वीडियो मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात दो बजे एक्स पर साझा करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की। विधान परिषद चुनाव में सपा की दो सीटें जीतना और 5 पर बढ़त से सपा के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है।
भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए :-
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एमएलसी चुनाव में डॉ. संजयन त्रिपाठी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी और साजिश के जरिए सपा प्रत्याशी को हराने का आरोप लगाया। कहा कि इस मामले में भाजपा के नेताओं, उनके सहयोगियों और कथित तौर पर संलिप्त अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने की साजिश सबके सामने आ गई है। इसके पीछे सिर्फ यह वजह नहीं है कि डॉ. त्रिपाठी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं, बल्कि उन्होंने इसके लिए ‘हाता नहीं भाता’ का भी जिक्र किया। भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी वोट से नहीं, बल्कि खोट से जीतती है। हालांकि, मतगणना में गड़बड़ी और साजिश से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती है।
शिक्षकों के अपमान का मुद्दा उठाया :-
सपा अध्यक्ष ने डॉ. संजयन त्रिपाठी के कथित उत्पीड़न और उनके आंसुओं का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षक समाज इस घटना को नहीं भूलेगा। भाजपा के शासन में शिक्षकों को अपमान का सामना करना पड़ा है। उन्होंने शिक्षकों से चारा इकट्ठा करने जैसे काम करवाने के कथित षड्यंत्र का भी आरोप लगाया और कहा कि शिक्षक इसे याद रखेंगे।




