धूप में कार के अंदर भूलकर भी नहीं छोड़नी चाहिए ये चार चीजें, वरना हो सकता है बड़ा हादसा
गर्मियों के मौसम में तेज धूप के नीचे कार खड़ी करना एक आम बात है, मगर क्या आप जानते हैं कि आपकी छोटी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है? जब एक बंद कार सीधे सूरज की रोशनी में खड़ी होती है, तो उसके अंदर का तापमान बाहर के मुकाबले दो गुना तेजी से बढ़ता है।
ऐसे में कार के केबिन के भीतर रखी कुछ मामूली चीजें भयंकर गर्मी और दबाव के कारण किसी टाइम बम की तरह काम कर सकती हैं। एक आम इंसान के लिए इन खतरों को समझना बेहद जरूरी है। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि वे कौन सी चार चीजें हैं जिन्हें धूप में खड़ी गाड़ी में कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

स्मार्टफोन, पावर बैंक और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स :-
मोबाइल फोन, लैपटॉप या पावर बैंक में लिथियम-आयन बैटरी होती है। जब कार के अंदर का तापमान 60 डिग्री से ऊपर चला जाता है, तो ये बैटरियां अंदर ही अंदर उबलने लगती हैं। अत्यधिक गर्मी के कारण बैटरी फूल सकती है, उसमें से केमिकल लीक हो सकता है या अचानक भयंकर ब्लास्ट हो सकता है, जिससे पूरी कार में आग लग सकती है।

पॉकेट लाइटर और गैस वाले स्प्रे (डियोड्रेंट):-
कई लोग गाड़ी में सिगरेट जलाने वाला छोटा प्लास्टिक लाइटर या फ्रेशनर/डियोड्रेंट का स्प्रे छोड़ देते हैं। इन चीजों के अंदर बेहद ज्वलनशील लिक्विड पेट्रोलियम गैस भरी होती है। तेज धूप और गर्मी की वजह से इन डिब्बों के अंदर का प्रेशर (दबाव) इतना बढ़ जाता है कि ये अचानक तेज आवाज के साथ फट जाते हैं, जो कांच को भी तोड़ सकता है।
हैंड सैनिटाइजर और अल्कोहल वाली चीजें :-
कोरोना काल के बाद से कार में सैनिटाइजर रखना एक आदत बन चुका है। लेकिन सैनिटाइजर में 70% से अधिक आइसोप्रोपिल अल्कोहल होता है, जो बहुत जल्दी आग पकड़ता है। बंद कार में भीषण गर्मी के बीच यदि सैनिटाइजर की बोतल में से गैस बनती है, तो एक छोटी सी चिंगारी या अत्यधिक तापमान से वह केबिन के भीतर आग लगा सकती है।

पानी की प्लास्टिक बोतल और चश्मे :-
धूप में रखी पानी की पारदर्शी प्लास्टिक बोतल कार में धूप आने के बाद एक मैग्नीफाइंग ग्लास (लेंस) की तरह काम करने लगती है। जब सूरज की किरणें इस बोतल से छनकर कार की सीट के कपड़े पर एक बिंदु पर केंद्रित होती हैं, तो वहां अत्यधिक गर्मी पैदा होती है, जिससे सीट सुलगने लगती है, इसलिए कभी कार के अंदर पानी की प्लास्टिक की बोतल नहीं रखनी चाहिए। इसके अलावा आपको चश्मा भी कार के अंदर या डैशबोर्ड पर नहीं रखना चाहिए।




