ईरान ने फिर बंद किया शिपिंग रूट, जवाब में अमेरिका ने की सैन्य कार्रवाई

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव (West Asia Tensions) के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर चिंता और गहरा गई है। दुनिया की निगाहें इस समुद्री मार्ग पर टिकी हैं, क्योंकि यह सिर्फ एक जलमार्ग नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी में से एक है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस अहम समुद्री शिपिंग रूट को एक बार फिर से बंद करने का ऐलान किया है। इसके जवाब में अमेरिका ने रविवार को ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले शुरू किए।
कंटेनर शिप को निशाना बनाने के बाद US ने किए सैन्य हमले :-
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई तब की गई, जब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, वॉशिंगटन समयानुसार शाम 7:15 बजे सैन्य कार्रवाई शुरू की गई। सेंट्रल कमांड ने कहा कि IRGC ने होर्मुज से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर हमला किया था, जिसके जवाब में यह ऑपरेशन चलाया गया।
ट्रंप के निर्देश पर की गई कार्रवाई :-
अमेरिकी सेना ने बयान में कहा कि US ईरान की क्षमता को लगातार कमजोर कर रहा है, जिसके जरिए वह इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और सिविलियन नाविकों पर हमला कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह ऑपरेशन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर किया गया था। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ईरान ने गलत फैसला लिया और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।”

अगले आदेश तक होर्मुज स्ट्रेट बंद : ईरान –
दूसरी ओर, ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक ऐसे जहाज पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की, जो बिना अनुमति वाले मार्ग का इस्तेमाल कर रहा था। इसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘अगली सूचना तक’ बंद करने की घोषणा की गई है। IRGC की नेवी के बयान के अनुसार, जहाज ने अपना सिस्टम बंद करके समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाल दिया था, इसलिए उस पर हमला किया गया और उसे रोक दिया गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर फिर बढ़ा विवाद :-
ताजा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच हमलों का सिलसिला तेज हुआ है। इससे अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावनाएं और जटिल हो सकती हैं। दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बना हुआ है। ईरान का कहना है कि इस जलमार्ग से होने वाली आवाजाही पर उसका नियंत्रण रहेगा, जबकि अमेरिका इस मार्ग पर बिना किसी रोक-टोक के जहाजों की आवाजाही की मांग कर रहा है। होर्मुज, फारस की खाड़ी को अरब सागर और हिंद महासागर से जोड़ता है। इसके उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान तथा संयुक्त अरब अमीरात हैं। हर दिन दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20 फीसदी और बड़ी मात्रा में LNG इसी रास्ते से गुजरती है।




