भीषण गर्मी का कहर जारी, 42 डिग्री पार तापमान, लू से जनजीवन बेहाल, जानें कब मिलेगी राहत

मेरठ सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप अपने चरम पर है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मोदीपुरम सहित कई इलाकों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, और तेज धूप व लू के थपेड़ों ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। रविवार सुबह से ही तीखी धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया, वहीं दोपहर में चलने वाली गर्म हवाएं (लू) हालात को और गंभीर बना रही हैं।
सड़कों पर सन्नाटा, बाजार हुए सुनसान :-
गर्मी के इस प्रचंड रूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग आवश्यकता होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजारों में भी भीड़ कम दिखाई दे रही है। जो लोग बाहर निकल रहे हैं, वे सिर ढककर और पानी की बोतल साथ लेकर चलते हुए देखे जा सकते हैं।
इस भीषण गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव दिहाड़ी मजदूरों और खेतों में काम करने वाले किसानों पर पड़ रहा है, जिन्हें अपने दैनिक कार्य करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी और सलाह :-
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार क्षेत्र में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जो सामान्य से काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि सोमवार से मौसम में कुछ बदलाव की उम्मीद है, जिसमें हल्की आंधी और बादल छाने से तापमान में गिरावट आ सकती है। डॉक्टरों ने भी लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय घरों में ही रहें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और धूप से बचाव करें।
प्रशासन की अपील :-
बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए, प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और गर्मी से बचाव के सभी उपाय अपनाएं।
अन्य शहरों में भी यही हाल :-
यह स्थिति केवल मेरठ तक सीमित नहीं है। आसपास के कई जिलों बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बिजनौर में भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे उत्तर भारत के बड़े हिस्से में गर्मी का प्रकोप जारी है। दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी इसी तरह की भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ रहा है।




