उत्तर प्रदेश

भूगर्भ जल के प्रबंधन हेतु जल की सुरक्षा, संरक्षण, नियंत्रण एवं विनियमन हेतु अधिनियम अधिसूचित

  • अधिनियम के तहत घरेलू, कृषि, व्यवसायिक, औद्योगिक, इन्फ्रास्ट्रक्चर भूजल उपभोक्ताओं को भूजल निकासी हेतु एनओसी जरूरी
  • ड्रिलिंग एजेन्सियों के लिए पंजीकरण बाध्यकारी
  • 15 दिनों के अंदर करवाएं पंजीकरण, अन्यथा नियमानुसार होगी कार्रवाई
  • पंजीकरण कराने हेतु ऑनलाइन वेब पोर्टल www.upgwdonline.gov.in है विकसित

सहारनपुर, दिनांक 31 जनवरी, 2026 (सू0वि0)।

जिला मजिस्ट्रेट श्री मनीष बंसल ने बताया कि राज्य के संकटग्रस्ट ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में दोनों परिमाणात्मक व गुणात्मक भूगर्भ जल का अविरल प्रबन्धन सुनिश्चित करने हेतु भू-गर्भ जल की सुरक्षा, संरक्षण, नियंत्रण तथा विनियमन और उससे संबंधित या आनुषांगिक विषयों का उपलब्ध करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन के विधायी अनुभाग द्वारा उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल प्रबंधन और विनियम अधिनियम अधिसूचित किया जा चुका है।

अधिनियम में किए गये प्राविधानों के अन्तर्गत घरेलू भूजल उपभोक्ताओं का पंजीकरण, कृषि भूजल उपभोक्ताओं का पंजीकरण, गैर अधिसूचित क्षेत्रों में अधिनियम के लागू होने से पूर्व के व्यवसायिक, औद्योगिक, इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं भूजल उपभोक्ताओं को भेजल निकास हेतु अनापत्ति निर्गत कराने तथा ड्रिलिंग एजेन्सियों का पंजीकरण कराया जाना बाध्यकारी है।

श्री मनीष बंसल ने कहा कि जनपद के अन्तर्गत समस्त भूजल उपभोक्ताओं को अधिनियम में किए गये प्राविधानों के अनुसार पंजीकरण एवं अनापत्ति निर्गत कराना तथा ड्रिलिंग एजेन्सियों का पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य है, जिसके नोटिस के 15 दिनों के अंदर अनुपालन न हो पाने की दशा में अधिनियम के अध्याय-8 के प्राविधानों के अन्तर्गत दण्ड की कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। पंजीकरण करने, भूजल निकास हेतु अनापत्ति निर्गत करने इत्यादि की पारदर्शी व्यवस्था हेतु ऑनलाइन वेब पोर्टल www.upgwdonline.gov.in विकसित किया गया है। अन्य संबंधित जानकारी भूगर्भ जल विभाग जिला पंचायत भवन परिसर से प्राप्त की जा सकती है।

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