छुटमलपुर की बेटियों ने रचा इतिहास, जामिया आइशा लिलबनात में मेधावी छात्राओं का भव्य सम्मान समारोह आयोजित
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छुटमलपुर की बेटियों ने रचा इतिहास, जामिया आइशा लिलबनात में मेधावी छात्राओं का भव्य सम्मान समारोह आयोजित
छुटमलपुर। जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश
शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल करते हुए जामिया आइशा लिलबनात जूनियर हाई स्कूल, छुटमलपुर में आज एक गरिमामय एवं प्रेरणादायक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जनाब भाई फिरोज़ खान साहब (आज़ाद समाज पार्टी) ने की, जबकि विशेष अतिथि के रूप में भाई मोहम्मद अतहर (कांग्रेस नेता, छुटमलपुर) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रत्येक कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कार देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई

इस अवसर पर जामिया की होनहार छात्रा शिफ़ा नाज़ बिन्ते मोहम्मद इस्तेख़ार को पूरे विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर “टॉपर सम्मान” से नवाज़ा गया, जिससे पूरे क्षेत्र में गर्व का माहौल बना।
कार्यक्रम के संयोजक एवं जामिया के मोहतमिम मौलाना मोहम्मद खालिद नदवी ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जामिया का उद्देश्य केवल तालीम देना नहीं, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर, संस्कारी और समाज का मजबूत स्तंभ बनाना है।
विशेष रूप से मौलाना खालिद नदवी के मार्गदर्शन एवं सहयोग की भी सराहना की गई, जिनकी प्रेरणा से संस्थान निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राव मोहम्मद रागिब, कारी मोहम्मद आबिद, मौलाना मुफ्ती मोहम्मद जावेद कासमी (इमाम शाही मस्जिद), मौलाना मुफ्ती सऊद आलम कासमी, कारी अब्दुल मन्नान, कारी मोहम्मद नासिर, डॉ. मोहम्मद राशिद, वरीश साहब शेरपुर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर छात्राओं का उत्साह बढ़ाया।

कार्यक्रम के अंत में मौलाना मोहम्मद खालिद नदवी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि जामिया आइशा लिलबनात को उत्तर प्रदेश सरकार से जूनियर हाई स्कूल की आधिकारिक मान्यता प्राप्त हो गई है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि जामिया हर समय जरूरतमंद बच्चियों को शिक्षा देने के लिए तत्पर है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आलिमा शाहीन सिद्दीका, आलिमा सादिया सिद्दीका, आलिमा साइमा सिद्दीका, शीबा सिद्दीका, अंजुम, रिया खान, आलिमा सानिया सिद्दीका, गुलफिशा साहिबा आदि का विशेष योगदान रहा।
👉 जामिया आइशा लिलबनात छुटमलपुर आज शिक्षा और संस्कार का एक बेहतरीन केंद्र बनकर उभर रहा है, जहां बेटियों को न केवल आधुनिक शिक्षा दी जा रही है, बल्कि उन्हें एक उज्ज्वल और सशक्त भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।
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