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कफ सिरप कांड : बच्चों को दवा लिखने वाला डॉक्टर गिरफ्तार, अब तक 14 की मौत, जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

मध्य प्रदेश में कफ सिरप से अब तक 14 बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। छिंदवाड़ा के परासिया उपखंड में 7 सितंबर से अब तक दस बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि जिले भर में मृतक बच्चों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। जांच में कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा अधिक होने की पुष्टि के बाद सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। शनिवार देर रात पुलिस ने कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। सरकार ने Coldrif कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है। तमिलनाडु सरकार ने भी शुक्रवार को Coldrif की बिक्री पर बैन लगाया है।

बता दें कि शनिवार को ही परासिया थाने में डॉक्टर प्रवीण सोनी और कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी sresun फार्मासूटिकल के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई को अंजाम देते हुए डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक एक्ट की धारा 27(A), बीएनएस की धारा 105 और 276 के तहत केस दर्ज किया गया है। जानकारी में सामने आया है कि छिंदवाड़ा में हुई बच्चों की मौत मामले में ज्यादातर बच्चों को डॉक्टर प्रवीण सोनी ने ही ये कफ सिरप लिखी थी। परासिया सीएचसी के BMO अंकित सहलाम ने डॉक्टर प्रवीण सोनी के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया था।

सिरप में 46.2% मिला डायएथिलीन ग्लाइकॉल :-
कप सिरप की जांच रिपोर्ट शनिवार रात को सामने आई। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में सामने आया है कि इस सिरप में खतरनाक जहरीला रसायन मौजूद था। कोल्ड्रिफ (Coldrif) सिरप में 46.2% डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाया गया। तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट की लैब सिरप की जांच के बाद ये रिपोर्ट जारी की गई। डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) ऐसा जहरीला रसायन, जो आमतौर पर एंटी-फ्रीज और ब्रेक फ्लूइड में इस्तेमाल होता है, किडनी को पूरी तरह तबाह कर देता है। मध्यप्रदेश सरकार ने तत्काल प्रभाव से कोल्ड्रिफ सिरप और कंपनी की सभी दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 6 राज्यों में दवा फैक्ट्रियों की गहन छानबीन शुरू कर दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने छह राज्यों में 19 दवाओं जिनमें कफ सिरप और एंटीबायोटिक शामिल हैं, उनके उत्पादन इकाइयों पर जोखिम आधारित निरीक्षण शुरू कर दिया है।

Nextro-DS की रिपोर्ट आनी अभी बाकी :-
एसडीएम सौरभ कुमार यादव ने बताया कि स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन सोमवार को ही Coldrif और एक अन्य कफ सिरप Nextro-DS की बिक्री पर रोक लगा दी थी। Coldrif की जांच रिपोर्ट शनिवार को आई, जबकि Nextro-DS की रिपोर्ट अभी आना बाकी है।

कैसे बनी मौत की वजह? –
सितंबर में छिंदवाड़ा के परासिया और आसपास के इलाकों में बच्चे सर्दी-खांसी के इलाज के बाद गंभीर हालत में पहुंचने लगे। बुखार, उल्टी और पेशाब रुकने जैसे लक्षण दिखे। शुरुआत में 6 बच्चों की मौत हुई, जो बढ़कर 11 तक पहुंच गई। जांच में खुलासा हुआ कि डॉ. प्रवीण सोनी ने इन बच्चों को कोल्ड्रिफ सिरप प्रिस्क्राइब किया था। बायोप्सी और लैब टेस्ट में DEG की मौजूदगी ने सनसनी फैला दी। राजस्थान में भी इस सिरप से 1-2 बच्चों की मौत की खबरें सामने आई हैं।

कफ सिरप ने ली इन बच्चों की जान :-
नाम                 उम्र             पता
* दिव्यांश चंद्रवंशी    7 वर्ष           डुड्डी
* अदनान खान        5 वर्ष          न्यूटन चिखली
* हेतांश सोनी         5 वर्ष            मरेठ
* उसैद                  4 वर्ष           परासिया
* श्रेया यादव         18 माह          परासिया
* विकास यदुवंशी   4 वर्ष            दीघावानी
* योगिता विश्वकर्मा   5 वर्ष           बोरिया
* संध्या भोसोम     सवा साल        परासिया
* चंचलेश यदुवंशी      —             गायगोहान
* योजिता ढाकरे     दो साल           बडकुही
इनके अलावा चार अन्य बच्चों की भी मौत हुई है।

अब क्या? –
● पुलिस डॉ. सोनी से गहन पूछताछ में जुटी है।
● श्रेसन फार्मा की सप्लाई चेन और मालिकों पर शिकंजा कसने की तैयारी।
● केंद्र ने बच्चों (5 साल से कम) के लिए सभी कफ सिरप्स पर सख्त चेतावनी जारी की।
● मल्टीडिसिप्लिनरी जांच टीम (NIV, ICMR, CDSCO, AIIMS-नागपुर) मामले की तह तक जा रही है।

डॉ. प्रवीण सोनी को किया निलंबित :-
मध्य प्रदेश सीएमओ ने बताया, “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर छिंदवाड़ा जिले के परासिया में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिशुओं के उपचार में लापरवाही बरतने के आरोप में उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन के बाद उन्हें क्षेत्रीय कार्यालय स्वास्थ्य सेवाएं, जबलपुर में अटैच कर दिया गया है।”

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