वरिष्ठ पत्रकार पर फर्जी FIR बर्दाश्त नहीं, National V.I.P. Press Club के (राष्ट्रीय अध्यक्ष) डॉ. गुलबहार ने कहा – सड़कों पर उतरेगा पूरा पत्रकार समाज

सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)- उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सिंघल के खिलाफ जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) की शिकायत पर थाना सदर बाजार में दर्ज की गई FIR से पत्रकार जगत में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई को लेकर National V.I.P. Press Club ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
National V.I.P. Press Club के (राष्ट्रीय अध्यक्ष) डॉ. गुलबहार ने प्रशासन की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा एक मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार के खिलाफ केवल एक टेलीफोनिक बातचीत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर देना सीधे तौर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज दबाने का प्रयास है। जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) की मनमानी और तानाशाही को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। यदि पत्रकारों का उत्पीड़न इसी तरह जारी रहा, तो नेशनल वीआईपी प्रेस क्लब चुप नहीं बैठेगा।
National V.I.P. Press Club के (उत्तर प्रदेश प्रभारी) एडवोकेट इंतेखाब आज़ाद ने कहा FIR की तत्काल वापसी हो और वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सिंघल के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमे को बिना शर्त तुरंत रद्द किया जाए। DSO और पत्रकार के बीच हुई बातचीत के ऑडियो की किसी राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) से निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके। जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में गठित “पत्रकार स्थायी समिति” की बैठक में इस मामले को प्रमुखता से उठाकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
National V.I.P. Press Club संगठन ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दर्ज FIR वापस नहीं ली गई और निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हुई, तो संगठन जिले की सभी तहसीलों और ब्लॉकों में धरना-प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।
पत्रकारों के मान-सम्मान और प्रेस की आजादी से कोई समझौता नहीं होगा। प्रशासन अपनी हठधर्मिता छोड़े, वरना पूरे जिले का पत्रकार समाज एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।
असगर आलम (प्रदेश सचिव) उत्तर प्रदेश




