उत्तराखंडराजनीति

नई (दिल्ली)उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को मिलेगा पद्म विभूषण सम्मान

भगत सिंह कोश्यारी को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान “पद्म विभूषण” से सम्मानित किया जाएगा। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 25 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगी।

उत्तराखंड में “भगत दा” के नाम से लोकप्रिय भगत सिंह कोश्यारी सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, पत्रकार और प्रखर राजनीतिक व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित स्वयंसेवक रहे कोश्यारी अपनी सादगी, अनुशासन और राजनीतिक अनुभव के लिए विशेष पहचान रखते हैं।

17 जून 1942 को पालनाधूरा गांव में जन्मे भगत सिंह कोश्यारी ने वर्ष 1964 में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के एटा जनपद स्थित राजा का रामपुर में प्रवक्ता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की।
वर्ष 1966 में उन्होंने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में “सरस्वती शिशु मंदिर” की स्थापना कर दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार का कार्य किया। इसके अलावा विवेकानंद इंटर कॉलेज, पिथौरागढ़ की स्थापना में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वह लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में विभाग कार्यवाह रहे तथा बाद में उत्तरांचल उत्थान परिषद के सचिव भी बने।

वर्ष 1997 में उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य नामित किया गया। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद नवंबर 2000 में वह राज्य की पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। इसके बाद उन्होंने उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के मुख्यमंत्री के रूप में भी कार्यभार संभाला। वह उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे।

वर्ष 2008 में भगत सिंह कोश्यारी राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए, जबकि 2014 में उन्होंने नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट से जीत दर्ज कर संसद पहुंचे। बाद में उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी सेवाएं दीं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button