
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर अपने बहनोई रॉबर्ट वाड्रा को परेशान करने का आरोप लगाया। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने हरियाणा के शिकोहपुर में एक जमीन सौदे में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन के एक मामले में रॉबर्ट के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया है। इसे लेकर ही राहुल ने सरकार पर निशाना साधा है।
“अंत में सच्चाई की जीत होगी” :-
राहुल ने कहा कि अंत में सच्चाई की जीत होगी। उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और उनका परिवार किसी भी तरह के उत्पीड़न का सामना करेगा। उन्होंने “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा, “मेरे बहनोई को पिछले 10 साल से यह सरकार परेशान कर रही है। यह हालिया आरोप-पत्र उसी प्रताड़ना अभियान का एक और हिस्सा है।”
“रॉबर्ट, प्रियंका और उनके बच्चों के साथ खड़ा हूं” –
उन्होंने आगे कहा, “मैं रॉबर्ट, प्रियंका और उनके बच्चों के साथ खड़ा हूं, क्योंकि उन्हें दुर्भावनापूर्ण, राजनीतिक रूप से प्रेरित एक और हमला झेलना पड़ रहा है। मुझे पता है कि वे सभी किसी भी तरह की मुसीबत का सामना करने के लिए पर्याप्त बहादुर हैं। वे हिम्मत और गरिमा के साथ ऐसा करते रहेंगे।” लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “अंततः सच्चाई की जीत होगी।”
ईडी ने क्या-क्या कार्रवाई की?
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को एक आपराधिक मामले में 56 साल के रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की। संघीय जांच एजेंसी ने राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में स्थित 43 अचल संपत्तियों को भी जब्त किया, जिनकी कीमत 37.64 करोड़ रुपये है। ये संपत्तियां रॉबर्ट वाड्रा और स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड जैसी उनकी संबंधित संस्थाओं से संबंधित हैं।
रॉबर्ट वाड्रा के कार्यालय ने क्या कहा ?
चार्जशीट के बाद रॉबर्ट वाड्रा के कार्यालय ने गुरुवार को एक बयान जारी किया। उसमें कहा गया कि वर्तमान कार्यवाही उनके खिलाफ मौजूदा सरकार की ओर से की जा रही राजनीतिक कार्रवाई का ही एक विस्तार है।




