गांधी जयन्ती समारोह सम्मानपूर्वक किया जाए आयोजित

- राजकीय भवनों में फहराया जाए राष्ट्रीय ध्वज
- गांधी जी के चित्र पर प्रातः 09ः00 बजे किया जाए माल्यार्पण, जीवन मूल्यों पर डाला जाए प्रकाश
सहारनपुर, दिनांक 30 सितम्बर, 2026 (सू.वि.)।
जिलाधिकारी श्री अरविंद कुमार चौहान जनपद के सभी विभागों एवं कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए कि 02 अक्टूबर 2026 को गांधी जयन्ती समारोह सम्मानपूर्वक आयोजित किया जाए। श्री अरविंद कुमार चौहान ने कहा कि गांधी जयन्ती के अवसर पर सभी कार्यालयों, विद्यालयों और अन्य संस्थाओं में प्रातः 09ः00 बजे महात्मा गांधी जी के चित्र का अनावरण व माल्यार्पण किया जाए। सभी राजकीय भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए। गांधी जी के जीवन-संघर्ष, उनकी देश सेवा, उनके जीवन-मूल्यों पर प्रकाश डाला जाए। स्कूलों और कॉलेजों में गांधीवादी जीवन-दृष्टि का प्रचार तथा गांधी जी के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विद्यार्थियों की वाद-विवाद प्रतियोगिताएं एवं गोष्ठियां आयोजित की जाएं।
महिलाओं की उन्नति के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी द्वारा बताए गये मार्ग का अनुकरण करने, बालिका-शिक्षा को बढावा देने, दहेज प्रथा की समाप्ति तथा महिलाओं को आर्थिक-सामाजिक क्षेत्र में आगे बढने के अवसर देने और सामाजिक चेतना पैदा करने के लिए महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य से जन-सामान्य, विशेषकर महिलाओं को जागरूक कराने हेतु प्रभावी अभियान चलाया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गांधी जी की ग्राम स्वराज्य की अवधारण की दिशा में शासन की पारदर्शी नीति और इस संबंध में किए गये अभिनव एवं सार्थक प्रयासों से भी जन-साधारण को अवगत कराया जाए। जन-साधारण को सादा जीवन-उच्च विचार, मितव्ययिता, नैतिकता, भाईचारा तथा सर्वधर्म सम्भाव, सत्य, अहिंसा जैसे आदर्श जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी जाए। विकास संबंधी शासन की प्राथमिकताओं से जन-मानस को अवगत कराते हुए उन्हें अपेक्षित योगदान के लिए प्रेरित किया जाए। अपराधमुक्त, अन्यायमुक्त एवं भयमुक्त वातावरण सृजित करने के साथ ही कानून व्यवस्था पर जीरो टालरैन्स की नीति पर चलते हुए कानून का राज स्थापित करने तथा संवेदनशील एवं स्वच्छ प्रशासन देने के प्रयासों से आम जनता को अवगत कराया जाए।
श्री अरविंद कुमार चौहान ने निर्देश दिए कि आमजन को यह भी बताया जाए कि प्रदेश सरकार प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की ओर अग्रसर है। विजन 2047 के संकल्प के अनुसार कार्य योजना तैयार करके विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश तथा आत्मनिर्भर भारत का आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश बनाना है।




