देशदेशभक्ति कार्यक्रम

“विकसित भारत” से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक : लाल किले से पीएम मोदी ने दुनिया को दिए 10 संदेश

पीएम मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश नए संकल्पों को लेकर आगे बढ़ रहा है। पीएम ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा, आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। उन्होंने कहा, आज ऐतिहासिक पल है। आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का एक बड़ा सपना है- 2047 तक “विकसित भारत’ बनाना। इस सपने को पूरा करने की ताकत और संकल्प 140 करोड़ भारतीयों से मिल रहा है। जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश खुद को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय करता है, तो इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है। भारत के इस लक्ष्य से दुनिया की नजर में भारत की छवि बदल रही है और दुनिया भारत को नए तरीके से देख रही है।

ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में उठाए मजबूत कदम: पीएम मोदी :-
लाल किले से अपने 13वें संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, जैसी चर्चा क्रिटिकल मिनरल्स की हो रही है। पूरी तकनीक इसी पर निर्भर है। भारत इसमें भी अपने आप को सुरक्षित करने में जुटा है। मिशन क्रिटिकल मिनरल्स हमने लॉन्च किया। हमने कॉरिडोर लॉन्च किया है। कई देश हम पर इसके लिए भरोसा कर रहे हैं। चाहे सेमीकंडक्टर की बात हो या क्रिटिकल मिनरल्स की। उसी तरह एनर्जी की भी बात बढ़ती जा रही है। इसके बिना दुनिया को चलाना मुश्किल है। इसलिए हमने एआई हो, डेटा सेंटर हो, हमें बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी। एनर्जी सिक्योरिटी यह दुनिया की मांग है। इस दिशा में हमने मजबूत कदम उठाए हैं। इस रास्ते में एक जरूरी जरिया है परमाणु ऊर्जा। 2047 तक हम 100 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

बाढ़ पीड़ितों के साथ पूरा देश एक साथ :-
लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की और उन्हें सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन से अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं और सरकार उनके दर्द व पीड़ा को पूरी तरह समझती है। इस वर्ष असम, केरल, उत्तराखंड और नागालैंड समेत कई राज्यों में भारी मानसूनी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हुआ है तथा कई क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां बाधित हुई हैं। ऐसे में पूरा देश प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है।

जो काम पिछले पांच दशक में नहीं हुए, उन्हें पूरा करने में लगे 5-7 साल : पीएम मोदी :-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, हमारे सीफूड की दुनिया में आगे बढ़ने की संभावना बनी हुई है। हमारी सी बेल्ट इस क्षेत्र में काफी काम आ सकती है। मैंने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे 2047 का लक्ष्य एक मजबूत नींव पर खड़ा है। हमने पिछले 10-12 साल में देशवासियों ने जो सामर्थ्य दिखाया है, यह आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा है। इसका एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अब हमें लक्ष्य प्राप्त करके रहना है। हमें अपनी संस्कृति, सोच और काम की गति को बदलना होगा। जो काम पिछले पांच दशक में नहीं हुए हैं, वह काम हमें करने में हमें 5-7 साल लगे हैं। मुझे भरोसा है कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं।

आत्मनिर्भरता के मंत्र से किया चुनौतियों का सामना: पीएम मोदी :-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अपने संबोधन में कहा, एक समय था, जब मैं आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था तो कुछ लोग एसी में बैठकर बात करने वाले लोग हमें बता रहे थे कि वैश्वीकरण का क्या होगा। जहां से वैश्वीकरण की आवाज आती थी, उसने बोलना ही बंद कर दिया। लेकिन इस संकट के कालखंड में कुछ लोगों ने इन संसाधनों का हथियारीकरण करने का काम किया। संसाधनों का हथियारीकरण। पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर, दवाइयां, तकनीक की चीजें। अगर हम आत्मनिर्भर का मंत्र लेकर आगे नहीं चले होते तो ऐसी चुनौतियों का सामना कैसे करते। ऐसी चुनौतियां आगे बढ़ती जा रही हैं।

हम 5 न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे: पीएम मोदी :-
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हम 5 न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है, यह हमारी गलत सोच के कारण है। हमने समुद्र तट का 99 फीसदी इलाका नो गो एरिया घोषित कर के रखा है। हमने ही समुद्र के अंदर जाकर एक्प्लोरेशन न करने का फैसला किया। हमने उस 99 फीसदी इलाका जो नो गो हुआ करते थे। हमने उसे खुला कर दिया। अब हम समुद्र के अंदर एक्सप्लोरेशन करने का प्रयास किया है। उसी दिशा में हमने समुद्र मंथन की घोषणा की थी। हाल ही में हमने 85 हजार करोड़ रुपये आवंटित कर उस काम को आगे बढ़ाने का काम किया।

दुनिया का नेतृत्व भारत के हाथों में हो, यह समय की मांग : पीएम मोदी :-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा, क्या हम सोच नहीं सकते कि फॉर्च्युन 500 में आगे भारत की कंपनियां हों। आज बैंकिंग क्षेत्र फल-फूल रहा है। दुनिया के शीर्ष बैंकों में भारत के बैंकों का हिस्सा क्यों न हो। भारत की फार्मा ने विदेश में बहुत काम किया है। समय की मांग है कि दुनिया की बड़ी फार्मा कंपनियों में भारत की भी एक-दो कंपनियां होनी चाहिए। क्या समय की मांग नहीं है कि दुनिया का नेतृत्व हमारे हाथ में होना चाहिए। हमारी अकाउंटिंग फर्म्स दुनिया की शीर्ष फर्म्स में क्यों नहीं होनी चाहिए। हमारे ऐसे ब्रांड्स हों, जिससे दुनिया आकर्षित होती हो। मैं राज्य सरकारों को कहना चाहता हूं, मैं स्वराज संस्थाओं को कहना चाहता हूं कि हमें अपनी रफ्तार बढ़ानी होगी।

“नक्सलवाद देश से खत्म करने की दिशा में” :-
माओवाद-नक्सलवाद ने देश के कई परिवारों को बर्बाद किया। चार दशक तक इसने देश की बड़ी आबादी को बंदूक की नोक पर दबोच कर रखा था। देश के नागरिकों की रक्षा में देश साढ़े तीन हजार सुरक्षाबल औऱ पुलिस के जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी। नक्सलवाद ने देश की धरती को लहूलुहान कर दिया। 2014 में जब आपने हमें मौका दिया तभी हमने संकल्प किया था कि हम नक्सलवाद को देश से खत्म करेंगे। हम उसे पूरी तरह खत्म करने की दिशा में हैं। जहां पर कभी नक्सलियों की गोलियां चलती थीं, जहां कभी धरती रक्तरंजित होती थी, आज वहां विश्वास, प्रयास और विकास का तिरंगा लहरा रहा है।

हथियार वाले गए लेकिन दिमाग वाले नक्सल देश में :-
देश की सत्ता में वर्षों तक माओवादी सोच वाले लोग जगह बनाकर बैठे थे। इन लोगों ने सरकारों की नीतियों को भी प्रभावित किया था। हमें नक्सलवादियों से देश को आजाद कराने में मदद मिली है। हथियार वाले नक्सल तो गए लेकिन दिमाग वाले नक्सल देश में हैं। यह देश को हिंसा में घसीटने की कोशिश में जुटे हैं। हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा। इन्हें अलग-थलग करना होगा। सुरक्षित भारत बनाना हमारा दायित्व है। सुरक्षा सीमा के अंदर हो या बाहर हम सबके लिए तैयार हैं। जरूरी नहीं कि युद्ध सीमाओं पर हो, आज तेल रिफाइनरियों पर हमले हो रहे हैं, बैंकिग क्षेत्र हमलों का शिकार हो रहे हैं। हमें इन क्षेत्रों की सुरक्षा भी करनी है।

पीएम मोदी ने किया देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान :-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं। जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे। इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी। सप्तधारा की शक्ति है उत्पादन की शक्ति। हमें विनिर्माण को बढ़ाना होगा। उत्पादन के साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे बनाने हैं और बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। पूरी वैल्यू चेन पर हमारा अधिकार होना चाहिए। डिजाइन से उत्पादन तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा। उत्पादन के क्षेत्र में जो लोग हैं, यह उनके लिए अवसर है। इसलिए हमें गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा। हमारे उत्पाद यूजर फ्रेंडली हों, हमारे उत्पाद लोगों को लुभाने वाले हों। जीरो डिफेक्ट उत्पाद हमारी पहचान हों, यह तय करना होगा। वैश्विक बाजार में हमारी पहचान गुणवत्ता के आधार पर होगी। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं। हमारा लक्ष्य गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता होना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button