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होर्मुज में कितने भारतीय जहाज और नाविक फंसे ? विदेश मंत्रालय ने बताई पूरी स्थिति

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को बताया कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में इस समय छह भारतीय जहाज संचालित हो रहे हैं, जिन पर 125 भारतीय नाविक सवार हैं। इसके अलावा, इसी क्षेत्र में चल रहे विदेशी जहाजों पर भी 41 भारतीय नाविक तैनात हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “फारस की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में छह भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर 125 भारतीय नाविक सवार हैं। इसके अतिरिक्त, इस क्षेत्र में संचालित विदेशी जहाजों पर भी 41 भारतीय नाविक कार्यरत हैं।”

उन्होंने बताया कि पोत परिवहन मंत्रालय भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा और उनके कल्याण पर लगातार नजर रखे हुए है। क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावास भी संबंधित मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय नाविकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

बता दें कि 24 जुलाई को मोजाम्बिक के ध्वज वाले एलपीजी टैंकर ‘दिशा’ पर ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में हमला हुआ था। इस जहाज पर 28 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे।ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की थी कि सभी 28 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। दूतावास ने कहा था कि वह संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।

इससे पहले, महानिदेशालय समुद्री प्रशासन (डीजीएमए) ने जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कंपनियों और भर्ती एवं नियुक्ति सेवा लाइसेंस (आरपीएसएल) कंपनियों को अगली सूचना तक होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती से बचने का निर्देश दिया था।

समुद्री नियामक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

होर्मुज दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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