4 वर्षों से अनसुनी 33 मांगें, अब आर-पार की लड़ाई : 28 जुलाई को शहीद स्मारक पर जुटेंगे राजस्थान भर के लाइसेंस्ड पर्यटक गाइड
जयपुर। जयपुर के वरिष्ठ लाइसेंस्ड पर्यटक गाइड एवं भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अधिकृत टूरिस्ट फैसिलिटेटर रवि शंकर धाभाई ने कहा राजस्थान के पर्यटन इतिहास में पहली बार राज्यभर के लाइसेंस्ड पर्यटक गाइड अपनी 33 सूत्रीय मांगों को लेकर एकजुट होकर राजधानी जयपुर में बड़ा आंदोलन करने जा रहे हैं। वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने से नाराज गाइड्स ने 28 जुलाई को शहीद स्मारक, जयपुर पर विशाल धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन में जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, अजमेर, पुष्कर, रणथंभौर, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, माउंट आबू, बूंदी, कोटा, अलवर, दौसा सहित प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों से लाइसेंसधारी गाइड शामिल होंगे।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अधिकृत टूरिस्ट फैसिलिटेटर एवं राजस्थान के वरिष्ठ लाइसेंस्ड पर्यटक गाइड रवि शंकर धाभाई ने कहा कि पिछले चार वर्षों से गाइड्स अपनी 33 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य एवं केंद्र सरकार से लगातार संवाद कर रहे हैं। कई बार ज्ञापन दिए गए, प्रतिनिधिमंडलों ने पर्यटन विभाग की आयुक्त एवं उपमुख्यमंत्री तथा पर्यटन मंत्री से मुलाकात की, लेकिन आज तक किसी भी प्रमुख मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग “राजस्थान पर्यटक गाइड्स कल्याण बोर्ड” का गठन है, ताकि पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हजारों लाइसेंसधारी गाइड्स को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक संरक्षण एवं सम्मानजनक भविष्य मिल सके। इसके अलावा ऑफ-सीजन आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, पेंशन, परिवार सुरक्षा, कौशल उन्नयन, रोजगार सुरक्षा तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं को तत्काल लागू करने की भी मांग की जा रही है।
टूरिस्ट गाइड वेलफेयर एन्ड रिफार्म सोसाइटी के अध्यक्ष धारा सिंह गुर्जर ने कहा कि राजस्थान की पर्यटन अर्थव्यवस्था में पर्यटक गाइड सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के सामने राजस्थान की संस्कृति, इतिहास, विरासत और लोकजीवन का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इन्हीं गाइड्स के लिए कोई स्थायी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। पर्यटन व्यवसाय पूरी तरह मौसमी होने के कारण हजारों गाइड्स वर्ष के कई महीनों तक आर्थिक संकट का सामना करते हैं और अनेक परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाता है।
उन्होंने कहा कि लगातार चार वर्षों तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने के बावजूद न तो मुख्यमंत्री स्तर पर कोई सकारात्मक पहल हुई और न ही केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से सार्थक समाधान सामने आया। इससे गाइड समुदाय में गहरा असंतोष है।
रवि शंकर धाभाई ने राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार से आंदोलन से पूर्व सकारात्मक निर्णय लेकर गाइड्स की वर्षों पुरानी मांगों का समाधान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए तो यह आंदोलन आगे और व्यापक रूप ले सकता है। उन्होंने प्रदेश के सभी लाइसेंसधारी पर्यटक गाइड्स से 28 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पहुंचकर अपने अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
रवि शंकर धाभाई
वरिष्ठ लाइसेंस्ड पर्यटक गाइड एवं भारत सरकार के अधिकृत टूरिस्ट फैसिलिटेटर
मो. : 9928667992, 9314630044, 9982139666




