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उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में डिप्टी रजिस्ट्रार नियुक्ति प्रक्रिया पर आरटीआई से उठे गंभीर सवाल

देहरादून, 29 जून। उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल (यूकेएमसी) में डिप्टी रजिस्ट्रार की नियुक्ति प्रक्रिया सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के बाद सवालों के घेरे में आ गई है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व कृषि अधिकारी चन्द्रशेखर जोशी को उपलब्ध कराए गए अभिलेखों से नियुक्ति प्रक्रिया में विरोधाभासी घटनाक्रम सामने आया है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।

आरटीआई से प्राप्त अभिलेखों के अनुसार, परिषद ने 29 मई 2026 को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र भेजकर डिप्टी रजिस्ट्रार की नियुक्ति के संबंध में शासन से दिशा-निर्देश एवं अंतिम निर्णय का अनुरोध किया। पत्र में कहा गया कि शासन से निर्णय प्राप्त न होने के कारण परिषद के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

वहीं, आश्चर्यजनक रूप से इसी दिन परिषद द्वारा एक अलग आदेश जारी कर डॉ. अजीत मोहन जोहरी को नियमित नियुक्ति होने तक कार्यवाहक डिप्टी रजिस्ट्रार का दायित्व सौंप दिया गया।

आरटीआई में उपलब्ध दस्तावेज यह भी बताते हैं कि 24 दिसम्बर 2025 को आयोजित परिषद की जनरल बॉडी बैठक में डिप्टी रजिस्ट्रार पद के लिए प्राप्त आवेदनों पर विचार करने के बाद डॉ. संजय जैन को उपयुक्त अभ्यर्थी मानते हुए उनकी नियुक्ति के लिए राज्य सरकार से अंतिम स्वीकृति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद लगभग पाँच माह तक नियुक्ति लंबित रही और बाद में उसी दिन कार्यवाहक नियुक्ति किए जाने से पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठने लगे हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता चन्द्रशेखर जोशी का कहना है कि यदि परिषद स्वयं शासन के निर्देशों की प्रतीक्षा कर रही थी, तो उसी दिन कार्यवाहक डिप्टी रजिस्ट्रार की नियुक्ति किस नियम और अधिकार के तहत की गई? उनका कहना है कि उपलब्ध अभिलेख प्रथम दृष्टया विरोधाभासी स्थिति को दर्शाते हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नियुक्ति संबंधी सभी निर्णय नियमानुसार और विधिसम्मत तरीके से लिए गए थे अथवा नहीं। साथ ही, यदि किसी स्तर पर प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है, तो उसके लिए उत्तरदायित्व भी निर्धारित किया जाना चाहिए।

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