देहरादून : परीक्षा में पेपर लीक का मामला अब एक बड़े संगठित नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में उत्तराखंड के देहरादून समेत कई राज्यों में लिंक सामने आए हैं। NTA ने छात्रों के हित और परीक्षा की निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए पूरी परीक्षा रद्द कर दी है।
पेपर लीक मामले में देहरादून से अहम गिरफ्तारी :-
राजस्थान SOG ने देहरादून से राकेश कुमार मंडावारिया (राकेश मंडवारिया) नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी अपने एक दोस्त के यहां छिपा हुआ था। इससे पहले 9 मई को राजस्थान पुलिस ने उसके सहयोगी को भी हिरासत में लिया था।
जांच के अनुसार, राकेश पर करीब 700 छात्रों तक कथित गेस पेपर पहुंचाने की भूमिका का आरोप है। यह पेपर व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स के माध्यम से तेजी से फैलाया गया। SOG की टीम ने कई राज्यों में छापेमारी की, जिसमें 20 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
30 लाख में खरीदा गया कथित पेपर, सैकड़ों छात्रों तक पहुंचा :-
जांच एजेंसियों के अनुसार, गुरुग्राम के एक डॉक्टर से कथित तौर पर 30 लाख रुपये में प्रश्न बैंक खरीदा गया। इसमें 410 प्रश्न थे, जिनमें से काफी संख्या वास्तविक NEET पेपर से मैच करती पाई गई। राकेश ने इसे शुरुआत में उच्च मूल्य पर बेचा, बाद में प्रति छात्र 30,000 रुपये तक का भाव रखा।
यह नेटवर्क सिकर, जयपुर और अन्य कोचिंग हब्स से जुड़ा दिख रहा है। पूछताछ में मनी ट्रेल और डिजिटल सबूतों से संगठित रैकेट की पुष्टि हो रही है। CBI भी मामले की जांच कर रही है।
NTA का बड़ा फैसला: NEET UG 2026 परीक्षा रद्द :-
3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा के कुछ दिनों बाद ही सोशल मीडिया पर लीक की खबरें वायरल हो गईं। NTA ने जांच एजेंसियों के इनपुट्स के आधार पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
NTA के बयान में कहा गया कि निष्पक्षता बनाए रखना संभव नहीं था, इसलिए नई तारीखों में परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। लगभग 22.8 लाख छात्रों ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन किया था।
देहरादून पुलिस का बयान :-
देहरादून पुलिस ने राजस्थान SOG को पूर्ण सहयोग दिया। अधिकारियों ने बताया कि अंतर्राज्यीय टीम ने संपर्क किया और आरोपी को उनके हवाले किया गया। स्थानीय पुलिस को शुरुआत में पूरी डिटेल नहीं दी गई थी।
छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश, नई परीक्षा की मांग :-
इस घटना से पूरे देश में हड़कंप मच गया है। छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच और समय पर री-एग्जाम की मांग की है। कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले वर्षों की घटनाओं के बावजूद सिस्टम में अभी भी कमियां बाकी हैं।
राजस्थान SOG की टीम लगातार नए लीड्स पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक नेटवर्क और बड़े हो सकता है, जिसमें कोचिंग सेंटर्स, काउंसलर्स और डिजिटल ऑपरेटर्स शामिल हैं।




