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इश्क, साजिश और हत्या : अपने पूरे परिवार को खत्म कराना चाहती थी स्वाति, प्रेमी संग मिलकर बना डाला खौफनाक प्लान

अपने प्रेमी मनोज को पाने के लिए स्वाति ने ऐसी खौफनाक साजिश रची जिसे सुनकर पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को पुलिस ने घटना का पर्दाफाश किया। दरअसल प्रेमी मनोज के जरिए बेगुनाह पेंटर योगेश की हत्या कराने वाली स्वाति अपने पूरे परिवार को खत्म कराने की तैयारी कर चुकी थी।

वह खाने में नींद की गोलियां मिलाकर परिवार को सुलाकर प्रेमी से मिलती थी। परिजनों को जब इसकी भनक लगी तो उसने पूरे परिवार को खत्म कराने की साजिश रची। अपने इस मकसद में वह कामयाब नहीं हुई तो उसने पिता और भाइयों को ही जेल भिजवाने की साजिश रच डाली। स्वाति की प्लानिंग इससे भी आगे तक थी। योगेश की हत्या में अगर उसके भाई और पिता जेल नहीं जाते तो वह दोबारा परिवार को खत्म करने का प्रयास करती। पुलिस पूछताछ में स्वाति और उसके प्रेमी मनोज यह कबूल किया है। सोमवार दोपहर बाद स्वाति, मनोज और मनोज के ममेरे भाई मंजीत को कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया।

एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि 18 सितंबर की सुबह पाकबड़ा के मौढ़ा तैय्या के पास कब्रिस्तान में एक युवक का शव मिला था। उसकी पहचान गुरैठा निवासी 21 वर्षीय पेंटर योगेश के रूप में हुई थी। इस मामले में योगेश के भाई उमेश ने गांव में रहने वाले शोभाराम, उसके बेटे गौरव और कपिल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में जांच पड़ताल की तो सामने आया है कि हत्याकांड में गौरव, कपिल शामिल नहीं थे बल्कि इनकी बहन स्वाति शामिल थी।

जांच में पता चला कि बदायूं के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के खेड़ादास निवासी मनोज पाकबड़ा में सौनियों वाला बड़ा मंदिर में किराये पर रहता था, जो गुरैठा गांव में सैलून चलाता था। मनोज और स्वाति के बीच प्रेम संबंध थे लेकिन परिवार के लोगों को इसकी भनक लग गई थी। क्राइम पेट्रोल देखने के बाद मनोज ने स्वाति को बताया कि किसी व्यक्ति की हत्या करने के बाद तुम्हारे पिता-भाइयों को जेल भिजवा देंगे। इस पर स्वाति राजी हो गई थी।

रविवार की रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मनोज और उसके ममेरे भाई डिलारी के तेलीपुरा निवासी मंजीत को गिरफ्तार किया। इस दौरान मनोज के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने स्वाति को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी युवती ने पूछताछ में कबूला है कि वह खाने में नींद की गोलियां मिलाकर परिवार को सुला देती थी। इसके बाद वह मनोज को अपने घर बुलाकर उससे बातचीत करती थी। कुछ दिन से परिवार के लोगों को शक होने लगा था। जिस कारण मनोज और स्वाति की बात नहीं हो पा रही थी। उन्होंने योगेश की हत्या करने के बाद उसके ही फोन से पुलिस को कॉल की थी ताकि स्वाति के पिता और भाई जेल चले जाएं। इसके बाद उनका मिलना जुलना शुरू हो जाएगा।

हत्यारोपी मंजीत ने पुलिस को बताया है कि वह 17 सितंबर की सुबह से हत्याकांड को अंजाम देने की फिराक में थे। उसी दिन शाम को वह पाकबड़ा में कैलसा रोड पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें स्वाति के गांव गुरैठा का रहने वाला योगेश दिखाई दिया। मनोज ने साइकिल से जा रहे योगेश को रोक लिया और उससे पूछताछ की तब योगेश ने बताया कि एक व्यक्ति पर उसके 1000 रुपये मजदूरी का बकाया है। उसे लेने जा रहा हूं। इसके बाद मनोज और उसका रिश्तेदार मंजीत योगेश के पीछे लग गए थे। वह अपने रुपये का तकाजा करने के बाद वापस जाने लगा।

इसके बाद मनोज ने योगेश को शराब पिलाने का झांसा देकर रोक लिया था। मनोज ने योगेश की साइकिल पेट्रोल पंप के बगल में खड़ी करा दी थी। तीनों मंगूपुरा स्थित देसी शराब की दुकान पर पहुंच गए। यहां से शराब खरीदने के बाद हर्बल पार्क जाने वाले रास्ते पर खड़े हो गए। इसके बाद तीनों शराब पीने लगे। इसी दौरान मनोज ने योगेश की शराब के पैग में 6-7 नींद की गोलियां डाल दीं जिससे योगेश नशे में हो गया था।

इसके बाद आरोपी मनोज और मंजीत योगेश को बाइक पर बैठाकर जीरो प्वाइंट पुल के नीचे से बागड़पुर से होते हुए मौढा तैय्या के कब्रिस्तान के पास ले गए। मनोज ने यहां योगेश को जमीन पर गिरा दिया और उसके ऊपर बैठ गया। योगेश के हाथ दबा लिए और मंजीत ने ईंट से उसके सिर पर हमला किया। इसके बाद मनोज ने भी योगेश के सिर पर हमला किया और उसकी पीट पीटकर हत्या कर दी।

नौंवी और दसवीं तक पढ़ाई करने वाले मनोज और स्वाति ने ऐसी साजिश रची कि पुलिस अफसर भी हैरान रह गए। योगेश की हत्या करने के बाद आरोपी योगेश ने उसके मोबाइल से पहली कॉल स्वाति के भाई गौरव के नंबर पर की। यह नंबर स्वाति ने ही मनोज को उपलब्ध कराया था। गौरव ने कॉल रिसीव भी कर ली थी। गौरव को कॉल करना भी साजिश का ही हिस्सा था ताकि पुलिस कॉल डिटेल निकलवाई तो गौरव का नाम भी सामने आ जाएगा।

इसके बाद गौरव की ओर से भी कॉल की गई थी। जिसे योगेश ने रिसीव किया लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद मनोज ने योगेश के मोबाइल से 112 पर कॉल कर बताया कि गौरव, कपिल और शोभाराम ने ईंट पत्थर से उस पर हमला कर दिया है। मनोज ने आवाज बदलकर कॉल की थी। इसके बाद आरोपी योगेश की लाश के पास ही उसका मोबाइल रखकर पाकबड़ा स्थित किराये के मकान में चले गए थे।

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