उत्तर प्रदेश

नवरात्र के नौ दिन की खुशियां, फिर दर्दनाक हादसा, 13 युवाओं सहित डूब गए दो भाई… अब तक मिलीं तीन लाशें

उत्साह, मस्ती और खुशी के कुछ समय बाद चीखें, गम और मातम। यह दृश्य बन गया फतेहाबाद के गांव कुसियापुर का। नवरात्र के अंतिम दिन गांव के दर्जनों लोग देवी मां की मूर्ति विसर्जित करने धूमधाम के साथ निकले। उस समय किसी को नहीं मालूम था कि यह खुशियां एकदम से मातम में बदल जाएंगी। मूर्ति विसर्जन के समय गांव के ओमपाल और गगन की यमुना में डूबने से मौत हो गई। दोनों परिवार में मौत की सूचना से चीख-पुकार मच गई।

एक मां को विसर्जित करते समय किसी ने नहीं सोचा था कि दूसरी मां की गोद में उनके लाडले समा जाएंगे। गांव कुसियापुर के ओमपाल और गगन भी ग्रामीणों के साथ बृहस्पतिवार को यमुना में देवी मां की मूर्ति विसर्जित करने गए थे। ओमपाल अपने परिवार का पालन करने वाला एकमात्र सहारा था। उसके पिता रमेश चंद्र का पहले ही देहांत हो चुका है। चार साल पहले अर्चना से शादी हुई और दो बेटे हैं। खेती से परिवार का खर्चा रमेश चला रहा था। उसकी मौत की सूचना पर मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पत्नी बस यही बोल रही थी कि अब कैसे जीवन कटेगा, कौन उसके बच्चों की देखरेख करेगा। इसी गांव के गगन पुत्र यादव सिंह की भी यमुना में डूबने से मौत हो गई। गगन के साथ छोटा भाई हरेश भी डूबा है। पिता दोनों बेटों के डूबने की सूचना से बेसुध हो गए है। उनकी समझ नहीं आ रहा है कि बड़े बेटे के शव पर मातम करें या छोटे बेटे की तलाश। गांव में युवकों के डूबने की सूचना के बाद सन्नाटा पसर गया।

मां को नहीं दी बेटे की माैत की सूचना :-
ओमपाल के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा वरुण (2) और छोटा बेटा लघु मात्र छह माह का है। पिता की 2008 में मौत हो गई थी। तभी से परिवार की जिम्मेदारी ओमपाल पर आ गई। उसे छोटी बहन रेवती (22) की शादी करनी थी। ग्रामीणों ने बताया मां रेशमा (60) को बेटे की मौत होने की सूचना देर रात तक नहीं दी गई। वह चार बहनों में अकेला बेटा है।

दोनों बेटों के डूबने से गम में परिवार :-
यादव सिंह के दो बेटे गगन और हरेश मूर्ति विसर्जन के दौरान डूब गए। गगन का शव मिल गया और हरेश की खोजबीन चल रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गगन मजदूरी करता था और उसके पिता खेती करते हैं। जबकि हरेश आईटीआई कर रहा है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और छोटी बहन पूजा पढ़ रही है।

गांव में चोर घुसने का सता रहा भय :-
घटना की सूचना पर गांव के अधिकतर लोग घटना स्थल और पोस्टमार्टम गृह चले गए। इस वजह से गांव बुजुर्ग और महिलाएं रह गईं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चोरों के घुसने की आशंका बनी हुई है।

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