अचानक हार्ट अटैक और फिर मौत… ऐसी अनहोनी से बचना है तो फॉलो करें ये 7 आसान नियम

कचौड़ी का नाश्ता, भूख लगी तो ब्रेड-पेटीज और कोल्डड्रिंक्स, देर रात तक मोबाइल और लेपटॉप देखना, सुबह उठते ही ऑफिस जाने की जल्दबाजी। कामकाजी युवाओं की यही दिनचर्या उन्हे हृदय रोगी बना रही है। हृदय रोग विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना तेज गति से 10 हजार कदम चलने, 6-8 घंटे की एकमुश्त नींद और फास्टफूड से बचने पर हृदय स्वस्थ रहेगा और खिलखिलाएगा।
हार्ट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. शरद पालीवाल ने बताया कि खराब खानपान-दिनचर्या से 30-45 साल के 28 फीसदी लोगों को मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग और कोलेस्ट्रॉल की बीमारी मिल रही है। इससे हृदयाघात और कार्डियक अरेस्ट का खतरा अधिक है। 50 की उम्र के बाद के रोजाना तीन से पांच हजार कदम चलना भी पर्याप्त है। डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि युवाओं में एल्कोहल और धूम्रपान की लत भी तेजी से पनप रही है। फास्ट-जंक फूड के जरिये नमक-चीनी तीन से पांच गुना तक पहुंच रही है। ऐसे युवाओं में हार्टअटैक का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है।
हृदय की सर्जरी कराने वालों में 30 फीसदी युवा :-
एसएन मेडिकल कॉलेज के कैथ लैब प्रभारी डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि अभी तक यहां 633 ऑपरेशन हुए हैं। इनमें से 30 से 45 साल के 30 फीसदी मरीज हैं। 40 से कम उम्र के 3 मरीजों में पेसमेकर भी लगा है। इनमें कई को तो उच्च रक्तचाप, मधुमेह समेत मल्टीपल बीमारियां भी मिली हैं। एसएन के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ नागर ने बताया कि तनाव, देर रात तक जागना, स्मोकिंग-एल्कोहल और फास्ट फूड के चलते युवाओं का हृदय तेजी से बीमार हो रहा है। कामकाजी युवाओं में ये बीमारी बढ़ने की गति डराने वाली है।
ये हैं मानक :-
रक्तचाप : 120/80
धडकन : 60-70 /मिनट
चीनी : 2-5 ग्राम किसी भी रूप में
नमक : 2-5 ग्राम किसी भी रूप में
हृदय रोग से बचाव के लिए ये सात नियम :-
● छोटी दूरी के कार्याें के लिए साइकिल का उपयोग करें।
● घुटनों की दिक्कत नहीं तो लिफ्ट के बजाय सीढि़यों का उपयोग करें।
● फास्ट फूड, कचौड़ी-पकोड़े, कोल्डड्रिंक्स से बचें।
● धूम्रपान, एल्कोहल और किसी तरह का नशा न करें।
● देर रात तक मोबाइल-कंप्यूटर का उपयोग ना करें।
● तनाव से बचने को पेंटिंग, नृत्य-गायन कर अपने शौक पूरा करें।
● भोजन को चबाकर खाएं, रात को भोजन के बाद दो घंटे बाद सोएं, टहलें।




