Blogवायरल न्यूज़

रात को सोते समय तकिए के नीचे रखते हैं मोबाइल, तो हो जाएं सावधान… इन पांच गंभीर बीमारियों का खतरा

बढ़ते हार्टअटैक की बहस के बीच चिकित्सक इसकी सबसे बड़ी वजह कम नींद, तनाव, शराब-धूम्रपान और खराब फिटनेस को मान रहे हैं। मोबाइल-लैपटॉप का दुरुपयोग नींद में सबसे बड़ी बाधा बन कर उभरी है। एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग में 30-45 साल के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

एसएन के हृदय रोग विभाग के डॉ. सौरभ नागर का कहना है कि ओपीडी में 80 से अधिक मरीज रोज आ रहे हैं। इनमें 30 साल से कम के 5 फीसदी, 30-45 साल के 25 फीसदी हैं। इनमें हार्टअटैक, कार्डियक अरेस्ट, नस में ब्लॉकेज, वॉल्व में सिकुड़न-लीकेज, धड़कन बढ़ने की दिक्कत मिल रही है। इनमें 80 फीसदी ज्यादा वजन और 50 फीसदी मोटापे के शिकार मिले। धूम्रपान-एल्कोहल के साथ बाजार के खाने के शौकीन मिले।

कामकाजी युवाओं में तनाव, देर रात तक जागने और एकमुश्त नींद की कमी पाई गई। कई मरीजों को तो तकिया के पास मोबाइल रखने की लत है, जिसकी घंटी, नोटिफिकेशन से एकमुश्त नींद ले पा रहे। लंबे समय तक इस स्थिति से हृदय की मांसपेशियां कमजोर पड़ रही हैं। फास्टफूड-बाजार के भोजन से धमनियों में वसा जमने से ये संकरी हो रही हैं, जिससे हृदय रोग बढ़ रहे हैं।

सर्जरी कराने वालों में 20 फीसदी युवा :-
कैथ लैब प्रभारी डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि 27 जनवरी से अब तक 400 एंजियोग्राफी, 175 एंजियोप्लास्टी और 25 पेसमेकर लगाए गए हैं। इनमें 30-45 साल के मरीजों की संख्या करीब 20 फीसदी है। एसएन में सबसे कम उम्र का हृदय रोगी 24 साल का मिला है। उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रोल, मधुमेह की भी परेशानी से हार्टअटैक का खतरा बढ़ा है।

कभी कभार व्यायाम, नृत्य से खतरा :-
नृत्य, व्यायाम या दौड़ते वक्त हार्टअटैक पर विशेषज्ञ बताते हैं कि कभी-कभार की जाने वाली शारीरिक गतिविधि से हृदय की मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ता है। कार्डियक अरेस्ट का खतरा अधिक होता है। सांस फूलने, हृदय की गति बढ़ने और घबराहट होने पर तत्काल ब्रेक लें। आराम न मिलने पर तत्काल विशेषज्ञ को दिखाएं।

इन बातों का रखें ध्यान :-
● रोजाना तेज गति से 40 मिनट से अधिक टहलें।
● कम दूरी के लिए आने-जाने को साइकिल उपयोग करें।
● धूम्रपान, शराब समेत अन्य नशे की लत तत्काल छोड़ दें।
● फास्ट फूड और बाजार के भोजन की आदत ना डालें।
● सोते वक्त मोबाइल को तकिया के पास न रखें। संभव हो तो साइलेंट कर दें।
● नमक, तेल, चीनी का उपयोग बेहद ही सीमित करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button