जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे सपा के कई सांसद, छात्रों को दिया समर्थन, बोले – नहीं गिरने देंगे शिक्षा का मंदिर

जौहर विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के आदेश के विरोध में समाजवादी पार्टी ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। शनिवार को पार्टी के सांसदों और पूर्व सांसदों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनका समर्थन किया।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गठित प्रतिनिधिमंडल में सांसद इकरा हसन, मुरादाबाद सांसद रुचिवीरा और संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत कई नेता शामिल हैं। सबसे पहले सांसद इकरा हसन रामपुर के गेस्ट हाउस पहुंचीं। इसके बाद रुचि वीरा और जियाउर्रहमान बर्क सहित अन्य सदस्य पहुंचे।
सभी नेताओं ने बंद कमरे में बैठक की और फिर जौहर विश्वविद्यालय पहुंचे। विश्वविद्यालय के गेट पर पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात के दौरान सांसदों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके साथ खड़ी है और विश्वविद्यालय को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी शिक्षा का मंदिर है और इसे किसी भी कीमत पर गिरने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण का आदेश गलत है। यदि जिला प्रशासन उनकी बात नहीं मानता है तो वह उच्च अधिकारियों से मिलेंगे और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाएंगे। संभल से सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने का आदेश वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।
इससे पहले बृहस्पतिवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में सपा विधायकों और पूर्व विधायकों का प्रतिनिधिमंडल भी रामपुर पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों से मिला था। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गठित प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन से मुलाकात कर विश्वविद्यालय से जुड़े पूरे प्रकरण पर वार्ता करेगा।
पार्टी का आरोप है कि जौहर विश्वविद्यालय के भवनों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शिक्षा के अधिकार और संविधान की भावना के विपरीत है। सपा का कहना है कि विश्वविद्यालय में गरीब, पिछड़े, दलित और अन्य वर्गों के हजारों छात्र-छात्राएं नाममात्र की फीस पर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
ऐसे में भवनों के ध्वस्तीकरण से विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। प्रतिनिधिमंडल डीएम को ज्ञापन सौंपकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग करेगा और पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेजेगा।




