Good News : एएमयू ने बनाई कैंसर टारगेटेड दवा, मिला पेटेंट, कीमत मौजूदा दवाओं के मुकाबले 80 फीसदी तक होगी कम

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के रसायन विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने कैंसर टारगेटेड दवा तैयार की है। यह दवा केवल कैंसर कोशिकाओं पर हमला करके उन्हें नष्ट करेगी। स्वस्थ कोशिकाओं को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचेगा। इसकी कीमत भी मौजूदा समय में बाजार में उपलब्ध कैंसर की दूसरी दवाओं से 80 फीसदी कम होगी। एएमयू को इस नई कैंसर रोधी दवा के लिए पेटेंट भी हासिल हो गया है। दावा किया जा रहा है कि करार होने के बाद जल्द ही कंपनियां इस दवा को बनाने लगेगीं।
इस दवा को तैयार करने वाली टीम में एएमयू के रसायन विभाग के वैज्ञानिक प्रो. फर्रुख अर्जमंद, डॉ. ज़ीनत अफ़्शां और प्रो. सरताज तबस्सुम शामिल हैं। पांच साल के लंबे शोध के बाद यह दवा तैयार की गई है। इस नई दवा को कैंसर के इलाज में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक कैंसर की जितनी भी दवाएं हैं उनमें से अधिकांश ऐसी हैं जो कैंसर कोशिकाओं के साथ ही स्वस्थ कोशिकाओं को भी नष्ट कर देती हैं। इससे शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ता है और शरीर में बेहद कमजोरी भी आ जाती है। लेकिन इस दवा के सेवन से शरीर की पीड़ा भी कम हो जाएगी। साथ ही कैंसर को बढ़ने से तत्काल रोका जा सकेगा। दोबारा से कैंसर आने की संभावना भी बहुत कम रह जाएगी।
प्रोफेसर सरताज तबस्सुम कहते हैं कि यह दवा कम लागत वाली और कम साइड इफेक्ट्स वाली होगी। जिससे ज़्यादा मरीज़ों तक इसका लाभ पहुंचेगा। वहीं प्रोफेसर सरताज तबस्सुम ने बताया कि इसको तैयार करने में हमने उन मॉलीक्यूल्स का प्रयोग किया है जो इंसानी शरीर में पहले से मौजूद रहते हैं। इससे दवा के दुष्प्रभाव कम हो जाते हैं। इसके अलावा कम कीमत वाले फॉर्म्यूलेशन का प्रयोग किया है जिससे दवा की कीमत भी बहुत कम हो जाती है। दवा को बॉडी फ्रेंडली बनाया गया है। कैंसर के इलाज के दौरान कीमोथेरेपी का प्रयोग होता है। इस दवा के इस्तेमाल से कीमो का शरीर पर नकारात्मक प्रभाव भी बहुत कम होगा। अभी इस दवा के संबंध में कई फार्मा कंपनियां संपर्क कर रही हैं। कंपनियों के साथ करार का कोई अंतिम फैसला अभी नहींं लिया गया है।




